Homeहिंदी में पढ़ेPF Interest Rate कैलकुलेशन के 5 महत्वपूर्ण नियम

PF Interest Rate कैलकुलेशन के 5 महत्वपूर्ण नियम

जैसा कि हम सभी जानते है कि EPF एक मासिक बचत योजना है जो एक कर्मचारी को उसके रिटायरमेंट के समय एक वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है। इसमें एक कर्मचारी तथा उसका Employer दोनों ही Contribute करते है। जिन कंपनियों में 20 से ज्यादा कर्मचारी है उनके लिए EPF अनिवार्य है। PF योजना के सदस्यों को PF Contribution तथा मासिक इंटरेस्ट रेट का सामान्य नॉलेज तो होता है लेकिन फिर भी कुछ अन्य जानकारी उनको विरले ही मालूम होती है। जैसे PF कर्मचारी के हिस्से का मिलता है या Employer के हिस्से का? आपकी पासबुक में दी गई PF राशि सही है या नहीं? क्या Employer द्वारा Challan का late सबमिशन करने से आपके Contribution को प्रभावित करेगा? आज के इस आर्टिकल में हम PF Calculation के कुछ महत्वपूर्ण नियमों तथा कुछ अन्य महत्वपूर्ण बातों के बारे में जानेंग।

PF Passbook का नया फॉर्मेट

PF पासबुक का अब एक नया फॉर्मेट है। अपनी PF पासबुक की जाँच करने के लिए निम्नलिखित स्टेप्स को फॉलो करें –

  • सबसे पहले PF Member Portal पर जाएं।
  • इसके बाद Passbook Tab पर जाएं।
  • View Passbook (OLD : FULL) पर क्लिक करें।

  • अपने सभी पहले के PF Contributions को देखने के लिए इसको डाउनलोड करें।

  • अपनी नई पासबुक को देखने के लिए View Passbook (New:Yearly) पर क्लिक करें। इसमें आपको अपना Year-Wise Contribution तथा Interest की जानकारी मिलेगी।

  • सारा काम आसानी से हो जाए इसके लिए New Yearly Passbook को डाउनलोड करें।

महत्वपूर्ण PF Interest रूल्स

EPF Act 1952 के Paragraph 6D में PF Interest के नियमों का जिक्र है –

  • PF Interest रेट को PF Board द्वारा निर्धारित किया जाता है। एक बार निर्धारित करने के बाद इसको वित्त मंत्रालय के पास भेजा जाता है। वहां से approve होने के बाद ही इसका अंतिम निर्धारण होता है तथा यह सदस्यों के खातों में जमा की जाती है।
  • PF Interest Rate को एक मासिक Running Balance के आधार पर खातों में जमा किया जाता है। 1950 तथा 1960 के दशक में ब्याज दर लगभग 3-4% हुआ करती थी लेकिन वर्तमान में यह 8% के आसपास है।

  • कर्मचारी को मिलने वाला ब्याज केवल कर्मचारी के 12% Contribution तथा उसके Employer के 3.67% Contribution पर ही मिलता है। PF पासबुक में हम देख सकते है कि PF Interest की गणना कर्मचारी के हिस्से तथा उसके Employer के हिस्से के Deposit Column के आधार पर ही की जाती है। इसकी गणना कभी भी Pension Contribution राशि के आधार पर नहीं की जाती है।

  • हमारे देश में वित्त वर्ष को अप्रैल से मार्च तक माना जाता है लेकिन PF Interest Rate की गणना मार्च से फरवरी तक के Wage Months के हिसाब से होती है। इसलिए आपका PF का ब्याज भी मार्च से फरवरी तक के हिसाब से किया जाता है।

  • जिन सदस्यों के PF खाते एक्टिव है उनमें PF Interest को जमा कर दिया जाता है। इसमें सभी ‘Inoperative’ PF खातों को अलग रखा जाता है। EPF Act के Paragraph 72 के अनुसार एक खाते को Inoperative माना जाता है अगर सदस्य ने 55 वर्ष उम्र होने के बाद रिटायरमेंट ले लिया है या वह पूर्णतः विदेश में जाकर बस गया है या फिर सदस्य की मृत्यु हो चुकी है तथा PF भरने की तिथि के 36 महीनों बाद तक की Settlement के लिए कोई Claim प्राप्त नहीं हुआ है। एक बार अगर अकाउंट Inoperative हो जाता है तो उसके बाद उसमे किसी भी प्रकार का कोई PF Interest जमा नहीं किया जाएगा।

Case Studies

उदाहरण 1

अगर कोई सदस्य अपने PF account का Full तथा Final Settlement Withdrawal करता है या फिर चालू वित्त वर्ष के बीच में अपने PF को अन्य Account में ट्रांसफर करता है तो क्या होता है ?

जिस तारीख़ को PF का Withdrawal या ट्रांसफर हुआ है उस तारीख़ तक का ब्याज सदस्य के खाते में जमा कर दिया जाएगा। Withdrawal की स्थिति में इसको सीधा राशि के रूप में माना जाएगा तथा ट्रांसफर की स्थिति में यह नई PF पासबुक में दिखाया जाएगा। PF ब्याज जमा करते समय पूर्ववर्ती वर्ष की रेट के हिसाब से ब्याज की गणना की जाएगी।

अगर वर्तमान वित्त वर्ष की Interest Rate को अभी तक निर्धारित नहीं किया गया है तो इससे पहले वित्त वर्ष की दर के हिसाब से ब्याज की गणना की जाएगी।

अगर किसी महीने की 25 तारीख से पहले Withdrawal या transfer हुआ है तो उस महीने का ब्याज नहीं मिलेगा तथा अगर Withdrawal या ट्रांसफर 25 तारीख़ के बाद हुआ है तो उस महीने का पूरा ब्याज मिलेगा। Advance PF Withdrawal की कुछ स्थितियों में अगर Withdrawal 25 तारीख़ के बाद किया गया है तो भी उस महीने का ब्याज नहीं मिलता है।

pf interest calculation hindi

उदाहरण 2

अगर Employer PF Contribution नहीं करता है या देरी से करता है तो क्या होगा?

अगर Challan Generation के बाद भी कोई Employer पेमेंट का भुगतान नहीं करता है तो फिर किसी भी प्रकार का ब्याज नहीं मिलता है। लेकिन अगर Employer पेमेंट का भुगतान देरी से करता है तो कर्मचारी को बचे हुए सालों का पूरा ब्याज मिलेगा (भले ही Employer ने भुगतान कुछ सालों बाद किया हों)। Employer को Late Payment के लिए कुछ अलग से Penalty का भुगतान करना पड़ता है जिसके बारे में जानने के लिए आप इस आर्टिकल को पढ़ सकते है –

EPF Interest & Damages On Late Payment Of Challan in Hindi

PF Interest की गणना का फार्मूला

PF Interest की गणना एक मासिक Running बेसिस पर की जाती है तथा इसके लिए इन नियमों का ध्यान रखा जाता है –

  • On The Closing Balance Of the amount :-  अगर साल की शुरुआत में आपका कोई Opening Balance है तो उसका आपको पुरे साल तक ब्याज मिलेगा तथा बाकि आपके Closing Balance के हिसाब से आपके ब्याज की गणना की जाएगी।
  • वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान विथड्रॉ की गई राशि के लिए :- अगर आप चालू वित्त वर्ष में कोई Withdrawal करते है तो आपने जिस महीने Withdrawal किया है उससे पहले महीने तक उस राशि का ब्याज आपको मिलेगा।
  • वर्तमान वित्त वर्ष में किए गए Contribution का ब्याज :-  अगर आप या आपका एम्प्लायर कोई Contribution कर रहे है तो इस Contribution के अगले महीने से इस राशि के ब्याज की गणना की जाएगी।

यहां पर ध्यान देने वाली बात यह है कि ब्याज की गणना Employer के हिस्से तथा कर्मचारी के हिस्से के लिए अलग अलग की जाएगी।

इसलिए हम कह सकते है कि –

PF interest calculation formula= (Sum of PF balance/12) X (Rate of interest/100)

तथा किसी भी साल का Closing Balance निकालने के लिए हम इस सूत्र का उपयोग करते है –

Closing balance of a given year = Opening balance of the year + Contributions of the given year – Withdrawal of the given year + Interest of the given year

PF Interest कैलकुलेशन का उदाहरण

  • वित्त वर्ष 2014-2015 के लिए PF ब्याज दर 8.75% थी।
  • PF ब्याज दर की गणना Employer की हिस्सेदारी तथा कर्मचारी की हिस्सेदारी के लिए अलग अलग की जाती है।
  • Running बेसिस पर Contribution की गणना हर महीने के लिए अलग अलग की जाती है।

  • अप्रैल महीने में किसी भी प्रकार का कंट्रीब्यूशन नहीं आया था जिसे सारणी में मई महीने में दर्शाया गया है।
  • मई में कर्मचारी का कंट्रीब्यूशन 146 रूपये है तथा Employer का कंट्रीब्यूशन 44 रूपये है जो कि जून की ब्याज दर की गणना में दर्शाया गया है।
  • जून में कर्मचारी का कंट्रीब्यूशन 504 रूपये है तथा Employer का कंट्रीब्यूशन 154 रूपये है। इसलिए जुलाई महीने के ब्याज दर की गणना मई तथा जून के योग के हिसाब से की गयी है (650 रूपये तथा 198 रूपये)।
  • इसी प्रकार से सभी महीनों की ब्याज दर की गणना की जाती है।
  • तथा जैसे कि हमने पहले ही चर्चा की थी – Closing balance of a given year = Opening balance of the year + Contributions of the given year – Withdrawal of the given year + Interest of the given year

इस विषय के बारे में और ज्यादा जानने के लिए आप हमारे वीडियो को देख सकते है –

ऐसे ही बहुत सारे ज्ञानवर्धक आर्टिकल्स हिंदी भाषा में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें – हिंदी आर्टिकल्स

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Heena Siddique
Bibliophile. Turophile. Foodie. Tea enthusiast. Shopaholic. Sitcom addict. Movie buff.

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